फिर शुरू हुआ 1 वर्षीय B.Ed कोर्स, अब सिर्फ ₹20,000–₹30,000 फीस में बनें सरकारी-प्राइवेट शिक्षक 1 Year B.Ed Course

1 Year B.Ed Course शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बार फिर अच्छी खबर सामने आई है। करीब दस साल बाद 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को दोबारा शुरू किया जा रहा है। अब तक B.Ed की अवधि दो साल होने के कारण कई छात्र समय और पैसे की कमी की वजह से शिक्षक बनने का सपना पूरा नहीं कर पा रहे थे। लेकिन अब नई शिक्षा नीति 2020 के तहत यह कोर्स फिर से शुरू किया गया है, जिससे कम समय और कम खर्च में शिक्षक बनने का रास्ता आसान हो गया है।

यह कोर्स खास तौर पर उन युवाओं के लिए फायदेमंद है, जो जल्दी नौकरी शुरू करना चाहते हैं या पहले से किसी काम या पारिवारिक जिम्मेदारी में जुड़े हुए हैं।

नई शिक्षा नीति 2020 और 1 वर्षीय B.Ed की वापसी

नई शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को व्यवहारिक, कौशल आधारित और लचीला बनाना है। इसी सोच के तहत शिक्षक प्रशिक्षण में भी बदलाव किया गया है। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि दो साल का B.Ed कोर्स कई योग्य उम्मीदवारों को शिक्षा क्षेत्र से दूर कर रहा है। इसी समस्या को देखते हुए 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को फिर से मान्यता दी गई है।

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इस कोर्स में डिजिटल शिक्षा, समावेशी शिक्षा, बाल मनोविज्ञान और आधुनिक शिक्षण तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि शिक्षक वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकें।

शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलेगा

1 वर्षीय B.Ed कोर्स सिर्फ समय घटाने का फैसला नहीं है, बल्कि यह शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की कोशिश है। इसमें स्कूल इंटर्नशिप, वास्तविक कक्षा अनुभव और आधुनिक शिक्षण तरीकों को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। इससे स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

1 Year B.Ed Course के लिए योग्यता

इस कोर्स में प्रवेश के लिए योग्यता को सरल रखा गया है। किसी भी विषय से चार वर्षीय स्नातक डिग्री या परास्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जबकि SC, ST और OBC वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक मान्य होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है।

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आरक्षण और विशेष सुविधाएं

सरकारी नियमों के अनुसार सभी वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। महिला उम्मीदवारों, दिव्यांग छात्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए विशेष छूट और सहायता भी दी जा सकती है। इससे शिक्षा क्षेत्र में सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ेगी।

कम फीस में बड़ा मौका

1 वर्षीय B.Ed कोर्स की फीस पहले की तुलना में काफी कम रखी गई है। सरकारी कॉलेजों में इसकी फीस लगभग 15,000 से 25,000 रुपये तक हो सकती है। निजी कॉलेजों में यह 20,000 से 30,000 रुपये के बीच रहने की संभावना है। छात्रवृत्ति योजनाओं से कई छात्रों का खर्च और भी कम हो सकता है।

आवेदन प्रक्रिया कैसे होगी

इस कोर्स में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन फॉर्म भरने के बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। चयन मेरिट लिस्ट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जा सकता है।

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कोर्स का पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण

कोर्स को दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले भाग में शिक्षा के सिद्धांत, शिक्षण विधियां और बाल विकास पढ़ाया जाएगा। दूसरे भाग में स्कूल इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों को वास्तविक कक्षा में पढ़ाने का अनुभव मिलेगा।

करियर के अवसर

1 वर्षीय B.Ed कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार TET पास करके सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। इसके अलावा निजी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म पर भी नौकरी के अच्छे अवसर मिलेंगे। शुरुआती वेतन 30,000 से 50,000 रुपये तक हो सकता है।

निष्कर्ष

1 वर्षीय B.Ed कोर्स की वापसी युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है। कम समय, कम खर्च और बेहतर प्रशिक्षण के साथ शिक्षक बनने का सपना अब आसानी से पूरा किया जा सकता है। अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सही अवसर हो सकता है।

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